1 जून 2026 को अमेरिकी CENTCOM ने गोरुक और क्वेशम द्वीप पर ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर स्व-रक्षा हमले किए, एक MQ-1 ड्रोन को मार गिराने के बाद। ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिन्हें अमेरिकी सेना ने रोका। इस संघर्ष ने वैश्विक तेल कीमतों को 2% से अधिक बढ़ा दिया, जिससे भारत के आयात बिल पर असर पड़ा।
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US CENTCOM ने ईरानी रडार साइटों पर स्व-रक्षा हमले किए; ईरान ने कुवैत पर मिसाइलें दागीं
मुख्य बिंदु
- 1 जून 2026 को अमेरिकी CENTCOM ने गोरुक और क्वेशम द्वीप पर ईरानी रडार और ड्रोन नियंत्रण केंद्रों पर स्व-रक्षा हमले किए, एक MQ-1 ड्रोन को मार गिराने के बाद
- ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिन्हें अमेरिकी सेना ने रोका
- इस संघर्ष ने वैश्विक तेल कीमतों को 2% से अधिक बढ़ा दिया, जिससे भारत के आयात बिल पर असर पड़ा
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📎 मूल स्रोत पढ़ें ↗परीक्षा नोट
• US CENTCOM: Goruk और Qeshm Islands (ईरान) में हमले – MQ-1 ड्रोन को मार गिराने के जवाब में • ईरान ने Kuwait में US bases पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; अमेरिका ने इंटरसेप्ट किया • Strait of Hormuz: वैश्विक तेल की 20% आपूर्ति – भारत पर सीधा आर्थिक प्रभाव
