केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 11 जून 2026 को असम-नागालैंड सीमा क्षेत्र में खनिज तेल संचालन के लिए केंद्र, असम और नागालैंड के बीच त्रिपक्षीय MoU के हस्ताक्षर समारोह में कहा कि अगले साल 1-2 राज्यों को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर से AFSPA हटा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि AFSPA का क्षेत्र कम होना शांति का संकेत है और PM मोदी की विकसित पूर्वोत्तर की दृष्टि में यह MoU अंतिम बाधा दूर करता है। AFSPA 1958 में संसद द्वारा अधिनियमित किया गया था।
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अमित शाह बोले – अगले साल 1-2 राज्यों को छोड़ पूरे पूर्वोत्तर से AFSPA हटाएंगे
मुख्य बिंदु
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 11 जून 2026 को असम-नागालैंड सीमा क्षेत्र में खनिज तेल संचालन के लिए केंद्र, असम और नागालैंड के बीच त्रिपक्षीय MoU के हस्ताक्षर समारोह में कहा कि अगले साल 1-2 राज्यों को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर से AFSPA हटा लिया जाएगा
- उन्होंने कहा कि AFSPA का क्षेत्र कम होना शांति का संकेत है और PM मोदी की विकसित पूर्वोत्तर की दृष्टि में यह MoU अंतिम बाधा दूर करता है
- AFSPA 1958 में संसद द्वारा अधिनियमित किया गया था
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📎 मूल स्रोत पढ़ें ↗परीक्षा नोट
• AFSPA: Armed Forces (Special Powers) Act, 1958 – 'disturbed areas' में सेना को विशेष अधिकार देता है • त्रिपक्षीय MoU: केंद्र + असम + नागालैंड – Assam-Nagaland सीमा पर तेल और खनिज अन्वेषण हेतु • AFSPA वर्तमान में नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के कुछ जिलों में लागू
