Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया। इस विधेयक में एक Designated Authority की स्थापना का प्रस्ताव है, जो NGO का पंजीकरण समाप्त होने, रद्द होने या स्वेच्छा से छोड़े जाने पर विदेशी योगदान और संपत्ति का नियंत्रण ले लेगी। उल्लंघन के लिए अधिकतम कारावास 5 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष कर दिया गया है। विपक्षी दलों और ईसाई संगठनों ने इसे civil society की स्वायत्तता के लिए खतरा बताया है।
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FCRA Amendment Bill 2026 लोकसभा में पेश; NGO की विदेशी संपत्ति पर Designated Authority का नियंत्रण प्रस्तावित
मुख्य बिंदु
- Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया
- इस विधेयक में एक Designated Authority की स्थापना का प्रस्ताव है, जो NGO का पंजीकरण समाप्त होने, रद्द होने या स्वेच्छा से छोड़े जाने पर विदेशी योगदान और संपत्ति का नियंत्रण ले लेगी
- उल्लंघन के लिए अधिकतम कारावास 5 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष कर दिया गया है
- विपक्षी दलों और ईसाई संगठनों ने इसे civil society की स्वायत्तता के लिए खतरा बताया है
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📎 मूल स्रोत पढ़ें ↗परीक्षा नोट
• FCRA पहली बार 1976 में अधिनियमित; 2010 में व्यापक संशोधन; 2020 व 2022 में और संशोधन • नया प्रावधान: Designated Authority विदेशी संपत्ति को provisional रूप से अपने अधीन करेगी • विधेयक का विरोध: केरल चुनावों से पहले राजनीतिक महत्व बढ़ा
