भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 मई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के लिए अपने वर्षा पूर्वानुमान को संशोधित करते हुए इसे दीर्घावधि औसत (LPA) के 90% तक कम कर दिया, जिससे कमजोर मानसून सीजन की 60% संभावना जताई गई है। IMD ने यह भी चेतावनी दी कि जून 2026 में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक हीटवेव वाले दिन होने की संभावना है। इससे पहले, 13 अप्रैल को विभाग ने मानसून वर्षा का अनुमान LPA के 92% रखा था, जिसमें कमजोर वर्षा की 35% संभावना बताई गई थी। दीर्घावधि औसत (1971-2020 के आधार पर) लगभग 868.6 मिमी निर्धारित है, और 90% से कम वर्षा को कमजोर मानसून सीजन माना जाता है।
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IMD ने 2026 के मानसून पूर्वानुमान को घटाकर औसत वर्षा का 90% किया, हीटवेव की चेतावनी
मुख्य बिंदु
- भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 मई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के लिए अपने वर्षा पूर्वानुमान को संशोधित करते हुए इसे दीर्घावधि औसत (LPA) के 90% तक कम कर दिया, जिससे कमजोर मानसून सीजन की 60% संभावना जताई गई है
- IMD ने यह भी चेतावनी दी कि जून 2026 में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक हीटवेव वाले दिन होने की संभावना है
- इससे पहले, 13 अप्रैल को विभाग ने मानसून वर्षा का अनुमान LPA के 92% रखा था, जिसमें कमजोर वर्षा की 35% संभावना बताई गई थी
- दीर्घावधि औसत (1971-2020 के आधार पर) लगभग 868.6 मिमी निर्धारित है, और 90% से कम वर्षा को कमजोर मानसून सीजन माना जाता है
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📎 मूल स्रोत पढ़ें ↗परीक्षा नोट
• संशोधित पूर्वानुमान (29 मई 2026): वर्षा LPA का 90%, कमजोर मानसून की 60% संभावना • LPA (1971-2020 आधार): लगभग 868.6 मिमी • हीटवेव चेतावनी: UP, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात, आंध्र प्रदेश
