संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में 5 जून 2026 को आयोजित एक समारोह में दो भारतीय सैनिकों- लांस हवलदार हरभजन सिंह और नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान- को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सेवा के दौरान अपना जीवन त्यागने पर मरणोपरांत डैग हैमरशोल्ड पदक प्रदान किया गया। इसी समारोह में मेजर अभिलाषा बराक को 2025 का 'मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार दिया गया, जो वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के साथ कार्यरत हैं और स्थानीय समुदायों, विशेष रूप से महिलाओं व लड़कियों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को मान्यता देता है।
पुरस्कारहिंदी
दो भारतीय शांतिरक्षकों को मरणोपरांत डैग हैमरशोल्ड पदक से सम्मानित किया गया
मुख्य बिंदु
- संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में 5 जून 2026 को आयोजित एक समारोह में दो भारतीय सैनिकों- लांस हवलदार हरभजन सिंह और नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान- को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सेवा के दौरान अपना जीवन त्यागने पर मरणोपरांत डैग हैमरशोल्ड पदक प्रदान किया गया
- इसी समारोह में मेजर अभिलाषा बराक को 2025 का 'मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार दिया गया, जो वर्तमान में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) के साथ कार्यरत हैं और स्थानीय समुदायों, विशेष रूप से महिलाओं व लड़कियों के साथ जुड़ाव बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं
- यह सम्मान संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारतीय सैनिकों के योगदान और बलिदान को मान्यता देता है
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📎 मूल स्रोत पढ़ें ↗परीक्षा नोट
• डैग हैमरशोल्ड पदक (मरणोपरांत): लांस हवलदार हरभजन सिंह व नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान • समारोह स्थान व तिथि: संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क, 5 जून 2026 • मेजर अभिलाषा बराक को 2025 'मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार (UNIFIL, लेबनान)
