शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में फूट की अटकलों के बीच पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों की एक अहम बैठक 18 जून 2026 को संसद भवन में बुलाई गई। रिपोर्टों के अनुसार छह सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय के लिए पत्र पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिसे 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया है। पार्टी सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) और दिशा-निर्देश 121 का हवाला देते हुए किसी भी विद्रोही गुट को मान्यता न देने की मांग की है, क्योंकि 'असली शिवसेना' का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए प्रति सांसद 50 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है।
राजनीतिहिंदी
शिवसेना (यूबीटी) में 'ऑपरेशन टाइगर' संकट, सांसदों की दिल्ली में बैठक
मुख्य बिंदु
- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में फूट की अटकलों के बीच पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों की एक अहम बैठक 18 जून 2026 को संसद भवन में बुलाई गई
- रिपोर्टों के अनुसार छह सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में विलय के लिए पत्र पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिसे 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया है
- पार्टी सांसद अरविंद सावंत ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) और दिशा-निर्देश 121 का हवाला देते हुए किसी भी विद्रोही गुट को मान्यता न देने की मांग की है, क्योंकि 'असली शिवसेना' का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है
- सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को पार्टी छोड़ने के लिए प्रति सांसद 50 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है
📋
📎 मूल स्रोत पढ़ें ↗परीक्षा नोट
• शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा सांसद: कुल 9 • दल-बदल विरोधी कानून: संविधान की दसवीं अनुसूची (52वां संशोधन, 1985) • लोकसभा अध्यक्ष: ओम बिरला
