फ्रांस के एवियां में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून 2026 को घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने वाला समझौता 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षरित किया जाएगा। इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद है, जो वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा वहन करता है। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90% आयात करता है, और हाल में अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद चिंता बढ़ी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने जी7 में ट्रंप से मुलाकात के दौरान भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया।
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G7 शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने कहा, ईरान के साथ शांति समझौता 19 जून को होगा हस्ताक्षरित
मुख्य बिंदु
- फ्रांस के एवियां में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून 2026 को घोषणा की कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने वाला समझौता 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षरित किया जाएगा
- इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की उम्मीद है, जो वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा वहन करता है
- भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है क्योंकि वह अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90% आयात करता है, और हाल में अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद चिंता बढ़ी थी
- प्रधानमंत्री मोदी ने जी7 में ट्रंप से मुलाकात के दौरान भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया
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📎 मूल स्रोत पढ़ें ↗परीक्षा नोट
• अमेरिका-ईरान MoU हस्ताक्षर तिथि: 19 जून 2026, स्विट्जरलैंड • होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है विश्व का ~20% तेल व्यापार • भारत अपनी ~90% कच्चे तेल की जरूरत आयात करता है
