Reserve Bank of India (RBI) ने Non-Banking Financial Companies (NBFCs) के लिए एक revised scale-based regulation (SBR) framework लागू किया, जिसका उद्देश्य वित्तीय स्थिरता को मजबूत करना और regulatory oversight में सुधार करना है। ये नए नियम bank-owned NBFCs पर भी समान रूप से लागू होंगे, जिससे NBFC sector में regulatory consistency सुनिश्चित होगी। SBR framework NBFCs को उनके आकार, गतिविधि और जोखिम profile के आधार पर अलग-अलग layers (Base, Middle, Upper, Top) में वर्गीकृत करता है, जिससे प्रत्येक layer पर अलग-अलग नियामक आवश्यकताएं लागू होती हैं।
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RBI ने NBFCs के लिए Scale-Based Regulation Framework लागू किया; वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने का प्रयास
मुख्य बिंदु
- Reserve Bank of India (RBI) ने Non-Banking Financial Companies (NBFCs) के लिए एक revised scale-based regulation (SBR) framework लागू किया, जिसका उद्देश्य वित्तीय स्थिरता को मजबूत करना और regulatory oversight में सुधार करना है
- ये नए नियम bank-owned NBFCs पर भी समान रूप से लागू होंगे, जिससे NBFC sector में regulatory consistency सुनिश्चित होगी
- SBR framework NBFCs को उनके आकार, गतिविधि और जोखिम profile के आधार पर अलग-अलग layers (Base, Middle, Upper, Top) में वर्गीकृत करता है, जिससे प्रत्येक layer पर अलग-अलग नियामक आवश्यकताएं लागू होती हैं
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📎 मूल स्रोत पढ़ें ↗परीक्षा नोट
• RBI: NBFCs के लिए Scale-Based Regulation (SBR) framework संशोधित (25 जून 2026) • उद्देश्य: वित्तीय स्थिरता मजबूत करना; bank-owned NBFCs पर भी लागू • SBR Layers: Base Layer → Middle Layer → Upper Layer → Top Layer (जोखिम के आधार पर) • RBI: भारत का केंद्रीय बैंक; NBFC regulation: मूल SBR framework अक्टूबर 2021 में लागू हुआ
